डिलीवरी के बाद पेट के निचले हिस्से में दर्द क्यों होता है?HealthPlanet

Posted on Wed 19th Oct 2022 : 14:07

डिलीवरी के बाद भी उठ जाता है पेट में दर्द, आपकी कुछ ऐसी आदतें बनती हैं दोषी
कुछ महिलाओं को डिलीवरी के बाद भी पेट दर्द सहना पड़ता है। आपको यह दर्द कई कारणों से हो सकता है और इसका इलाज भी मौजूद है।
गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं को कई तरह की पीड़ाएं और दर्द के सहना पड़ता है। कई मांओं को डिलीवरी के बाद इस दर्द से छुटकारा मिल जाता है लेकिन कुछ महिलाओं को डिलीवरी के बाद भी पेट दर्द सताता है। यह दर्द इस बात का संकेत देता है कि शरीर वापस से नॉर्मल हो रहा है।फिर भी आपके लिए यह जानना जरूरी है कि डिलीवरी के बाद होने वाला पेट दर्द कब तक रहता है और इसे ठीक करने के लिए आप क्‍या कर सकती हैं।
​डिलीवरी के बाद पेट दर्द होने के कारण

डिलीवरी के तुरंत बाद गर्भाशय प्रेग्‍नेंसी से पहले वाली शेप में आने लगता है। इसकी वजह से पेट के हिस्‍से में ऐंठन शुरू हो जाती है। आमतौर पर ऐसा डिलीवरी के बाद के शुरुआती दिनों में होता है क्‍योंकि गर्भाशय को अपनी पहले की शेप में आने में लगभग 6 हफ्ते का समय लगता है।

इसके बाद स्‍तनपान की वजह से यह दर्द हो सकता है। पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को यह दर्द कम सताता है।
​कब्‍ज भी है कारण

कई बार डिलीवरी के बाद महिलाओं को कब्‍ज हो जाती है। इसके कारण भी पेट दर्द सताने लगता है। प्रोजेस्‍टेरोन बढ़ने, बवासीर होने, वैजाइनल टियर या लेबर के बाद आराम करते रहने से कब्‍ज हो सकती है।

वहीं सिजेरियन डिलीवरी में टांके वाले हिस्‍से और अंदरूनी घाव पर दर्द हो सकता है। इस दर्द को कम करने के लिए आराम करना ही सबसे सही तरीका है। आप डॉक्‍टर की सलाह पर दर्द निवारक दवा ले सकती हैं।
​कब तक रहता है दर्द

डिलीवरी के बाद आपको दर्द होगा या नहीं या दर्द कब तक जाएगा, यह सब आपकी डिलीवरी के तरीके पर निर्भर करता है।

अगर आपकी नॉर्मल डिलीवरी हुई है तो आपका दर्द डिलीवरी के बाद कुछ ही दिनों में कम होने लगेगा। वहीं सिजेरियन डिलीवरी में दर्द कुछ हफ्तों में जा सकता है।
​पेट दर्द का इलाज

थोड़े टाइम में पेट दर्द अपने आप ठीक हो जाता है। जब तक कि दर्द पूरी तरह से खत्‍म नहीं होता है, तब तक आप कुछ तरीकों और दवाओं से दर्द को कम कर सकती हैं। नॉर्मल डिलीवरी के बाद दर्द हो तो आप गर्म सिकाई से राहत पा सकती हैं। डॉक्‍टर की सलाह पर दवा भी ले सकती हैं। कुछ महिलाओं को ब्रीदिंग और रिलैक्‍सेशन एक्‍सरसाइज से भी आराम मिल जाता है।
​क्‍या करें

पेशाब का तेज प्रेशर बनने तक का इंतजार न करें। जितना जल्‍दी हो सके पेशाब कर लें। मूत्राशय के भरने पर पेट में ऐंठन हो सकती है इसलिए पेशाब करती रहें।

नारियल या बादाम के तेल से पेट की मालिश करवा सकती हैं। दर्द और ऐंठन से राहत पाने के लिए पेट पर हल्‍का दबाव बनाएं।

यूट्राइन कॉन्‍ट्रैक्‍शन के दौरान डीप ब्रीदिंग से दर्द और किसी भी तरह की ऐंठन को कम किया जा सकता है। आप मेडिटेशन भी कर सकती हैं।

अगर सी-सेक्‍शन के बाद टांके वाली जगह लाल पड़ने लगे, बुखर और दर्द बढ़ जाए, योनि से ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होने लगे और गहरे रंग का खून आने लगे, पेट के दोनों तरफ छूने पर दर्द होने लगे और उल्‍टी एवं मतली बढ़ जाए तो आपको डॉक्‍टर को दिखाना चाहिए।

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